आम सी बातें #1

आमहर साल आते हैं,और हर साल कुछ आम सी यादें बुन जाते हैं,  इन यादों को फिर कहीं तिजोरी में बंद करके,हम ज़िंदगी में आगे बढ जाते हैं । कभी स्कूल के इम्तिहान, कोलेज की पढ़ाई,कभी ओफिस का प्रेजंटेशन, या घर की सफ़ाई,  इतने उलझ जातें हम,की वो तिजोरी का रंग – आकार भूल जाते हैं । और फिर कुछ साल बाद॰॰॰फिरसे आती है उस आम की खुश्बू,चुपकेसे, दबे पांव, उस बिन चाबी की तिजोरी को खोलने, उन यादों को दिल से लेकर आखों में भरने । _ _ _ Part #2